(दो विश्वविद्यालय है. दो मसले हैं. दोनों पर बात होनी चाहिए. मैं दोनों पर एकसाथ ही बात करना चाहता था. लेकिन बात लंबी चली जाती. हो सकता है मेरे ये विचार पॉलिटिकली करेक्ट न हों. मगर वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से मेरी यही समझ बनी है।) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के नाम में हिन्दू क्यों है? इसके पीछे कई कहानियाँ है, कितने ही पक्ष हैं, बहुत सारे तथ्य भी हैं, जाहिर है इसका एक भावुक पक्ष भी है। अलग-अलग मौकों पर इन्हें अपने सहूलियत के हिसाब से उसी भावुकता के चासनी में लपेट कर परोस दिया जाता है। तथ्यात्मक बातें मगर इस संदर्भ में कम ही होती है। इस विश्वविद्यालय की संकल्पना क्यों की गई होगी, उसके मूल में क्या रहा होगा? उच्च शिक्षा का एक केंद्र बनाते समय उसे किसी सम्प्रदाय विशेष के नाम से जोड़ने का मकसद क्या रहा होगा? महामना मालवीय के प्रयासों, संघर्षों और सपनों के इस संस्था में उनके योगदानों के विषय मे आप जानते होंगे। मगर क्या आपको पता है कि महामना अपने सपनों का विश्वविद्यालय काशी में नही बल्कि अपने गृह नगर प्रयाग में बनवाना चाहते थे। दरअसल मालवीय जी के अलावा कुछ और लोग थें जिनका उद्देश्य ...