July 3, 2016: हर लवगुरु प्रेम में असफल नहीं होता...

जिंदगी चलते रहने का नाम है, सब तो यही कहते हैं.. हमेशा आगे-आगे बढ़ते रहने का.. ये वो प्रकिया है जो हमेशा चलती रहती है, भले ही हम उससे अंजान हों.. हम अपने जीवन में, अपने व्यक्तित्व में हो रहे बदलावों से अक्सर अनभिज्ञ होते हैं.. ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि ये बदलाव हमारे दैनिक जीवन के साथ ही हो जाते हैं.. यूँ कहें कि ये पर्दे के पीछे होते हैं।
आप अक्सर मेरे पोस्ट्स पढ़ कर ऐसा सोचते होंगे कि मैं अतीत में जीने वाला इंसान हूँ।
मगर मैं ऐसा नहीं मानता। मैं अतीत को हक़ीक़त मानता हूँ। मेरे लिए अतीत पैमाना है, अतीत आइना है। मैं कहाँ से उठा हूँ या कहाँ से आया हूँ ये मेरे 'मैं' को तय करने में काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। मेरे लिए मधुआहाँ को याद रखना एक अनिवार्यता है मानिए। मेरे लिए डीएवी नरहाँ को याद रखना भी उतना ही जरुरी है। मैं कई अन्य लोगों की तरह खुद को कभी मुज़फ्फरपुर वाला, पटना से, या बनारस से बताने में हिचकिचाता हूँ। मैं सबसे पहले अपने गाँव से हूँ।
मेरी कई कमजोरियां हैं। कुछ मजबूतियां भी हैं। कई बार उन्हें मैं देखता हूँ। कई बार दूसरे उनके बारे में बताते हैं। मेरी भी एक आदत है। पता नहीं वो मेरी कमजोरी है या मेरी मजबूती। लेकिन जब मेरे दोस्त लड़कियों की बात करते हैं, उन पर बात करते हुए डूब से जाते हैं। फिर उसी पर चिंतन करते हैं, तब मैं हंसने से ज्यादा शायद ही कुछ कर पाता हूँ। लड़कियो से बात करना या उन्हें देखना या ऐसा कुछ तो कभी होता ही नही। मानिए मैं उसके लिए कम्पेटिबल ही नहीं हूँ। :)
हाँ, तो बात जिंदगी के चलते रहने की। कई बार जिंदगी के इस चाल में हम भूल से जाते हैं कि हम चल भी रहे हैं। ऐसे में अतीत में झांक लेना थोडा बेहतर होता है। हम कहाँ से उठे हैं ये पता कर लेना भी हमारी सहायता कर जाता है।
मैं अक्सर इस भ्रम में होता हूँ कि पिछले तीन सालों में मेरे अंदर बहुत बदलाव नहीं हुए।
लेकिन कल मैंने तीन साल पीछे जाकर अपने बीते कल को देखा। तब मुझे भी सचमुच लगा कि नदी में बहुत सारा पानी यूँ ही नहीं बह गया।
आप मानिए न मानिए ! आपमें बदलाव होता है। न हो विश्वास तो अपनी पुरानी फ़ोटो देखने के साथ ही कोई पुरानी कॉपी देख लीजिए। अपना कोई पुराना काम देख लीजिये। कुछ न हो तो किसी शादी का वीडियो देख लीजिए। वो भी न हो तो किसी ऐसे जगह घुम आइये जहाँ आप सालों पहले थें।
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कल कहीं पढ़ रहा था कि अधिकतर लव गुरु प्रेम में असफल लोग होते हैं। मैं नहीं मानता ! कुछ वो लोग भी होते हैं जो जिंदगी के अनुभवो को सहेजते हुए खड़े सोने से वक़्त के आग में तपकर कुंदन बन के निकलते हैं।
-स्वयंभू अध्यक्ष
(वन साइडेड लवर्स एसोसिएशन)

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